X-men Days Of Future Past In Hindi -

'एक्स-मेन' हमेशा से अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन और LGBTQ+ संघर्ष का रूपक रही है। यह फिल्म विशेष रूप से 'अपराध-पूर्व दंड' (pre-crime) के विचार पर सवाल उठाती है। क्या किसी समूह को उनके 'भविष्य में किए जाने वाले अपराध' के लिए नष्ट करना उचित है? ट्रास्क उत्परिवर्तियों को 'खतरा' मानता है, ठीक उसी तरह जैसे समाज अक्सर अल्पसंख्यकों को 'आतंकवादी' या 'बोझ' करार देता है। फिल्म का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि 'वॉयलेंस की कमी' है। मिस्टिक द्वारा बंदूक नीचे रखना वैश्विक स्तर पर 'अहिंसा' की जीत है। यह संदेश आज के उस विश्व में अत्यंत प्रासंगिक है जहाँ नफरत और असहिष्णुता तेजी से बढ़ रही है।

'डेज़ ऑफ़ फ़्यूचर पास्ट' का मूल प्रश्न है: क्या भविष्य लिखा हुआ है? फिल्म कहती है – नहीं। यह 'चेंज द फ्यूचर' (भविष्य बदलो) का दर्शन है। वोल्वरिन अतीत में घटनाओं को बदलने में सक्षम है, जिससे एक पूरी नई समयरेखा (डूम्सडे को हटाकर हैप्पी एंडिंग) बनती है। लेकिन फिल्म यह भी दिखाती है कि बदलाव की कीमत होती है – बलिदान। मिस्टिक को अपना क्रोध छोड़ना पड़ता है, जेवियर को अपना अहंकार, और मैग्नेटो को अपना अविश्वास। अंत में, जब मिस्टिक ट्रास्क को नहीं मारती, बल्कि उसे पूरी दुनिया के सामने बेनकाब करती है, तब न तो उत्परिवर्ती जीतते हैं और न ही मानव – बल्कि 'सह-अस्तित्व' का विचार जीतता है। x-men days of future past in hindi

फिल्म का भविष्य (वर्ष 2023) एक दुखांत है: विशाल उत्परिवर्ती शिकारी रोबोट, 'सेंटीनल्स' ने लगभग पूरी मानवता और उत्परिवर्तियों को नष्ट कर दिया है। ये सेंटीनल्स उत्परिवर्ती शक्तियों को अवशोषित और अनुकूलित करने की क्षमता रखते हैं, जिससे वे लगभग अजेय बन गए हैं। प्रोफेसर एक्स (पैट्रिक स्टीवर्ट) और मैग्नेटो (इयान मैककेलन) के नेतृत्व में बचे हुए उत्परिवर्ती एक आखिरी उपाय करते हैं: किटी प्राइड की शक्ति का उपयोग करके वोल्वरिन (ह्यू जैकमैन) की चेतना को 1973 में भेजा जाता है। क्योंकि वोल्वरिन का उपचारात्मक कारक इस यात्रा को सहन कर सकता है, उसे अतीत में जाकर दो महत्वपूर्ण घटनाओं को रोकना है: मिस्टिक (जेनिफर लॉरेंस) द्वारा सेंटीनल्स की संशोधक, बोलिवर ट्रास्क की हत्या, जो उत्परिवर्तियों के सामूहिक विनाश की शुरुआत बनती है। जेवियर को अपना अहंकार